श्री अमरापुर दरबार पर भक्ति भाव से मनाया गया सदगुरु टेऊँराम चौथ महोत्सव*
*ब्रह्म का बोध एवं ब्रह्म का साक्षात स्वरूप है ब्रह्मदर्शनी* : *संत मोनू राम जी महाराज*
*डोडा चटनी महाप्रसादी के साथ 56 व्यंजन थाल का लगाया भोग*
*सामूहिक संगीतमय ब्रह्म दर्शनी के पाठ में हुए हजारों भक्त सम्मिलित*
जयपुर। आस्था के पावन तीर्थ स्थल श्री अमरापुर स्थान जयपुर में गुरुवार को आचार्य श्री सद्गुरु स्वामी टेंऊराम जी महाराज का पावन मासिक जन्मोत्सव *चौथ पर्व* श्रद्धा भक्ति भाव से मनाया गया। प्रातः काल की अमृत वेला में प्रातः 6 बजे मंगला दर्शन में एक पुष्प गुरु चरणों में अर्पित कर मनोकामना मांगी , सुबह 7 से 8.30 बजे नित्य नियम प्रार्थना, संत महात्माओं द्वारा भजन, संकीर्तन, आचार्य श्री की महिमा का गुणगान गुरुप्रार्थनाअष्टक का पाठ आदि कार्यक्रमो का आयोजन हुआ। साय काल 4 बजे महिला मंडल द्वारा सामूहिक चालीसा एवं जन्म सखी का पाठ तत्पश्चात *संतो द्वारा आचार्य श्री सद्गुरु सतगुरु स्वामी टेंऊराम जी महाराज द्वारा रचित ग्रंथ “ब्रह्म दर्शनी”* के संगीतमय पाठ किया । ब्रह्म दर्शनी पाठ के उपरांत सतनाम साखी महामंत्र का जाप , आरती आचार्य श्री के विग्रह के समक्ष डोडा चटनी एवं सदगुरु स्वामी टेऊँराम जी महाराज के समक्ष 56 भोग थाल अर्पित किया गया। समाधि स्थल, श्री मंदिर को सुंदर ऋतु पुष्पों से श्रृंगारित किया गया एवं मुख्य द्वार पर आकर्षण रंगोली बनाई गई। संतो ने बताया कि ब्रह्म दर्शनी अपने नाम अनुरूप गुण है जिसके अंतर्गत ब्रह्मज्ञान का भंडार भरा हुआ है। ब्रह्मदर्शनी का पाठ करने से मन के अंदर उत्पन्न भेद भ्रांति समाप्त हो जाते हैं एवं ईश्वरीय स्वरूप का साक्षात दर्शन होता है।मंगलकारी *सदगुरु टेऊँराम चौथ पर्व* पर जयपुर सहित, दिल्ली अमदाबाद, अजमेर, टोंक सीकर ,अलवर , चाकसू , चोमू, किशनगढ़, फुलेरा , सांभरलेख आदि से श्रद्धालुओं का दर्शन दीदार को आगमन हुआ । सुबह से रात तक भक्तों। का दर्शनों के लिए तांता लगा रहा!!!
संतो ने सुबह शाम सदगुरु स्वामी टेऊँराम जी महाराज की रचित *प्रेम प्रकाश ग्रन्थ वाणी* का गुणगान किया !! उनके पदों एवं भजनों का गान किया !!
श्री अमरापुर स्थान, जयपुर