श्री राधाष्टमी महोत्सव पर हरियाली का संदेश
श्री गोविंद धाम में 1500 पौधों का वितरण
महंत श्री अंजन कुमार गोस्वामी जी के सानिध्य में सेवा महोत्सव
श्री गोविंद धाम में 1500 तुलसी पौधों का निशुल्क वितरण
जयपुर, 23 अगस्त 2025 — श्री राधाष्टमी महोत्सव शुभ अवसर पर, ठिकाना मंदिर श्री गोविंद देव जी, जयपुर के श्री गोविंद धाम में 22 अगस्त को महंत श्री अंजन कुमार गोस्वामी जी द्वारा पौधों का पूजन किया गया और 23 अगस्त को भक्तों में 1500 पौधे वितरण किए गए । यह कार्यक्रम हरियाली को बढ़ावा देने, पर्यावरण संरक्षण को प्रेरित करने और भक्तों को धर्म व प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया।
महंत श्री अंजन कुमार गोस्वामी जी के पावन सानिध्य में हुए इस आयोजन के अंतर्गत श्री राधा गोविंद देव जी के “चाकर स्वयंसेवको ” ने 1500 पवित्र तुलसी पौधों,
जामुन ,कचनार,करंज, अशोक,बील पत्र, गुलमोहर, सहजना, नीम,पीपल, हारसिंगार, अपराजिता बेल ,इत्यादि छाया दार व फलदार का नि:शुल्क वितरण भक्तों को किया गया। तुलसी माँ, जो हिन्दू संस्कृति में पवित्रता, स्वास्थ्य और आस्था का प्रतीक मानी जाती हैं, के पौधे श्रद्धा और उत्साह के साथ ग्रहण किए गए।
अपने आशीर्वचन में महंत श्री अंजन कुमार गोस्वामी जी ने कहा —
*” श्री राधाष्टमी महोत्सव में भक्ति और सेवा भाव से सभी भक्तों को पेड़ लगाकर पर्यावरण को शुद्ध और जीवन को स्वस्थ बनाने का अद्वितीय सेवा भी हैं। प्रत्येक व्यक्ति को एक पेड़ अवश्य लगाना चाहिए, जिससे घर-आंगन और वातावरण पवित्र एवं मंगलमय बने।”इस अवसर पर श्री राधा गोविंद देव जी के चाकर स्वयंसेवकों ने पूरी निष्ठा और समर्पण भाव से तुलसी वितरण सेवा की। उन्होंने न केवल पौधों का वितरण किया, बल्कि महाराज श्री द्वारा दिए गए संदेश को जन-जन तक पहुँचाया। श्रद्धालुओं को यह बताया गया कि किस प्रकार पेड़ों का रोपण करने से वातावरण पवित्र होता है, सुख-शांति आती है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
उल्लेखनीय है कि “चाकर स्वयंसेवकों ” द्वारा विभिन्न सामाजिक कार्य मंदिर में आयोजित किया जाता है जिससे आज के युवा भक्तों में समाज सेवा की भावना को बढ़ाया जा सके।
मंदिर प्रांगण में भक्तों ने उत्साहपूर्वक पौधे ग्रहण किए और उन्हें अपने घरों, आंगनों तथा आसपास के क्षेत्रों में लगाने का संकल्प लिया।
श्री राधाष्टमी महोत्सव पर हरियाली का संदेश श्री गोविंद धाम में 1500 पौधों का वितरण
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